मृदुल शब्द दिलों को छूते हैं
धीरे मुस्कान समय में रहती है
स्नेह भरी हँसी अँधेरों में उजाला लाती है
करुणा छुपी राहों में खिलती है
छोटी मदद हमेशा खुशियाँ देती है
सहानुभूति पासी आवाज़ों में बढ़ती है
दिल कोमल स्पर्श याद रखते हैं
प्यार शब्दों में जीवन पाता है
दयालुता शांत नदियों की तरह बहती है
सपनों को सहारा देती हुई रोशनी जगाती है
हर वाक्य आत्मा को जोड़ता है
शांति और आनंद बन जाते हैं लक्ष्य
जी आर कवियुर
26 12 2025
(कनाडा , टोरंटो)
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