Saturday, February 21, 2026
चट्टानों में यादें
पयार का सफर ( सूफी ग़ज़ल )
फोटोग्राफर
Thursday, February 19, 2026
बादलों की छाया
अभी भी चढ़ना बाकी है (कवि और सिविल इंजीनियर के रूप में)
Wednesday, February 18, 2026
यादों के आसमाँ में
यादों के आसमाँ में
इस क़दर टूट चुके हैं हम तेरी याद में,
तेरी वफ़ा माँगते हैं हम भी तेरे सहारे में।
दिल को सुकूँ मिलता नहीं इस बेकरार रात में,
खोए से फिरते हैं हम तेरे ही ख़्वाब में।
तन्हाई के बादल छा गए दिल के आसमाँ में,
भीगते रहते हैं अरमाँ तेरे इंतज़ार में।
हर धड़कन पुकारे तेरा नाम ख़ामोशी में,
डूबते जाते हैं लम्हे तेरे एहसास में।
दुनिया ने भुला दिया हमें अपने हिसाब में,
हम आज भी ज़िंदा हैं तेरे ही ख़याल में।
रात भर जागते रहे तेरी ही चाहत में,
चाँद भी डूबता रहा मेरी निगाह में।
टूट कर चाहा तुझे हमने हर हाल में,
खुद को ही खो दिया तेरे ऐतबार में।
आँखों से गिर पड़े जो अश्क़ ख़ामोशी में,
डूबते रहे वो भी तेरे ही ख़याल में।
ज़ख़्म दिल के भर सके ना उम्र भर में,
बस दर्द ही मिलता रहा हर इम्तिहान में।
छोड़ कर भी तू गया तो क्या गया मुझसे,
साँसें अटकी रह गई तेरे ही नाम में।
तन्हाई के बादल छा गए दिल के आसमाँ में,
‘जी.आर.’ अब भी जी रहा है तेरी यादों में।
जी आर कवियुर
16 02 2026
(कनाडा, टोरंटो)
भूल जाने की खामोशी
Tuesday, February 17, 2026
यादों का समंदर (ग़ज़ल)
यादों के आसमाँ में
चाँद सितारों के पार
तेरे ख्यालों में (ग़ज़ल)
रहमत की क़ीमत (ग़ज़ल)
“चाँद सितारे तेरे कदमों में” ( ग़ज़ल)
“बोलना तो चाहता था” ( ग़ज़ल)
Saturday, February 14, 2026
तुम्हारे लिए मेरी ग़ज़ल”
नज़रों के सामने (ग़ज़ल)
Wednesday, February 11, 2026
विरह की बहारें (ग़ज़ल)
उनकी याद में (ग़ज़ल)
अतिजीवन
खुलें आँखें, जागे दिल ( सूफी ग़ज़ल)
Tuesday, February 10, 2026
एक शब्द जिसका अर्थ खो गया
Monday, February 9, 2026
अकेले विचार – 134
चांदनी में हृदय
चमपक की रोशनी
हृदय की सहमति
ख़ामोशी की चोट (ग़ज़ल)
“तन्हाई का सितम (ग़ज़ल )
Friday, February 6, 2026
अंजान रही है ( ग़ज़ल )
आँसुओं की डगर पर (ग़ज़ल)
Wednesday, February 4, 2026
कनाडा में भूकंप — कवि की चेतावनी
हृदय के अक्षरों में खोया हुआ" ( ग़ज़ल )
शीर्षक: सुरक्षा का महत्व
Monday, February 2, 2026
फूलों की कोमल खुशबू
गिरी पत्तियों का संगीत
हवा की याद
तारों भरी गर्मी
कोहरे की निस्तब्धता
धुएँ-सा स्वप्न
नदी की उंगलियाँ
पैतृक घर का हृदय
नज़र की मुहर
प्रभात की चमक
छाया का स्पर्श
स्वप्नों की नदी
प्रकृति का संदेश(ग़ज़ल )
याद तेरी सताती है” (ग़ज़ल)
अकेले विचार – 133
Friday, January 30, 2026
“तेरे बिना बसंत” (ग़ज़ल )
अकेले विचार – 132
मेरे अंदर का मैं नहीं जानता (ग़ज़ल)
Thursday, January 29, 2026
सदा तेरी यादें (ग़ज़ल)
आधी राह
खुद को खो गया (ग़ज़ल)
सदा तेरी यादें (ग़ज़ल)
Monday, January 26, 2026
रात ढली, चाँद भी सो गया… (ग़ज़ल)
इस बहाव का अंत ( कविता )
26 01 2026 – कविता की ओर एक विचार
Sunday, January 25, 2026
नींद चुराई तूने (ग़ज़ल)
छुपा लूँ दिलों को (ग़ज़ल)
अकेले विचार – 131
Saturday, January 24, 2026
प्यार इस राह में” (ग़ज़ल )
Friday, January 23, 2026
बिंदी अथवा तिलक (कविता)
Thursday, January 22, 2026
यादों की रेल” (गीत)
निगाहों में (ग़ज़ल)
“फूल की कोमलता”
“फूल की कोमलता”
फूल की कोमलता हवा में गा रही है
रंग-बिरंगे पंखुड़ियाँ हृदय को छूती हैं
मृदु लाल रोशनी में
तेरी याद फूलों में घुल जाती है
ठंडी हवा में खुशबू बहती है
नन्हे घंटियों की तरह मृदु आवाज़ गूँजती है
कुछ क्षण चुपचाप
प्रेम के हृदय में चमकते हैं
तारों जैसी चमकती आँखें
फूल की कोमलता, अनुराग का स्पर्श
संध्या की मृदु रोशनी में
हमारा प्रेम शांतिपूर्वक खिलता है
जी आर कवियुर
22 01 202
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( कनाडा, टोरंटो)






















