Saturday, February 21, 2026

पयार का सफर ( सूफी ग़ज़ल )

 पयार का सफर ( सूफी ग़ज़ल )




हर पल तेरी यादों में खोया,  
दिल मेरा तेरी रहमत में खोया।  

मयख़ाने की खुशबू में बहकता,  
रूह मेरी तेरे साये में खोया।  

दरवेश की बातें सुनते-सुनते,  
हर जज़्बात तेरी मौज में खोया।  

चाँदनी रात में जब तेरा नाम लिया,  
हर सवेरा तेरी रोशनी में खोया।  

साक़ी की प्याली में ढूँढा सुकून,  
हर पल मेरा तेरी मेहरबानी में खोया।  

माया के इस संसार में तुझको पाया,  
हर दिल मेरा तेरे इश्क़ में खोया।  

जी आर की दुआ है ये दिल सदा महकता रहे,  
तेरे रहमत और इश्क़ की गहराई में खोया।

जी आर कवियुर 
21 02 2026
( कनाडा, टोरंटो)

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