तुम्हारे लिए मेरी ग़ज़ल”
प्यार की राहें बताऊँ तुम्हारे लिए
तुम्हारे बिना भी जिया मैंने तुम्हारे लिए
छाँव बनकर तुम जब आए मेरे दिल में
यादों की बारिश में गिरते हैं शब्द तुम्हारे लिए
आँसुओं के किनारे पार कर मैं जब पहुँचा
आँखों में चमकता रहा तुम्हारा प्यार तुम्हारे लिए
वक़्त की धार में तुम्हें देखा बिना छुपाए
हर पल मेरा चित्र उकेरा गया मेरे दिल में तुम्हारे लिए
सपनों की मुस्कान में तुम्हें खोजते हुए गिरा मैं
मन की ठंडी छाँव में मधुर गीत गाया मैंने तुम्हारे लिए
तुम बिन ये दुनिया सूनी लगती है
दिल का संगीत हमेशा गूंजता रहेगा तुम्हारे लिए
जी आर, पूरी तन्मयता से तुम्हें बुलाता हूँ
दिल का प्यार हमेशा गाता हूँ तुम्हारे लिए
जी आर कवियुर
14 02 2026
(कनाडा , टोरंटो)

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