Monday, February 2, 2026

तारों भरी गर्मी

तारों भरी गर्मी

तेज धूप की पकड़ से निकल कर, रात की कोमल ठंडक में,  
आकाश स्पष्ट और चमकता है।  
तारे छुपते और चमकते हैं,  
जैसे प्यार में चुम्बन पाकर जल रहे हों।

छवियाँ आँखों में झिलमिलाती हैं,  
एक पल में अनगिनत कथाएँ कहती हैं।  
तारे मिलकर नृत्य करते हैं,  
प्यार की आवाज़ के बिना।

एकांत यात्रा की तरह,  
टूटा हुआ स्नेह गिरता है, जैसे एक दृश्य।  
आकाश की दया में खो गया,  
तारों भरी गर्मी।

जी आर कवियुर 
02 02 2026 
( कनाडा, टोरंटो)

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