Monday, February 2, 2026

गिरी पत्तियों का संगीत

गिरी पत्तियों का संगीत

हवा की थपकों में गिरी पत्तियाँ रोती हैं,  
और हरी पत्तियाँ उन्हें देख मुस्कुराती हैं।  
हर गिरावट एक नया प्रेम जन्म देती है,  
धरा का निश्चब्द गीत साथ में गाता है।

मिट्टी पर तुलसी के फूल की तरह झुकी हुई,  
हर पत्ती दिव्य स्नेह से बहती है।  
बारिश की बूँदें हल्की छूती हैं,  
समय की लय में संगीत प्रवाहित होता है।

गिरी पत्तियाँ चित्रित तितलियों की तरह उड़ती हैं,  
पंख निश्चब्द सौंदर्य में मिल जाते हैं।  
कल गिरी पत्तियाँ आज रहस्यमय लय करती हैं,  
कल सभी को गिरना होगा, प्रकृति के शाश्वत नियम के अनुसार।


जी आर कवियुर 
02 02 2026 
( कनाडा, टोरंटो)

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