Monday, February 2, 2026

फूलों की कोमल खुशबू


फूलों की कोमल खुशबू

कोमल कुसुम प्रेम से खिलते हैं,  
हल्की सुगंध हवा में बिखरती है।  
जीवन के चक्र में बहते हुए,  
प्रकृति अपनी निश्चब्द संगीत गाती है।

मधुमक्खियाँ इकट्ठा होती हैं, चुम्बन लाती हैं,  
इसे नई सृष्टि की लहरों में बदल देती हैं।  
एक दिन के लिए वे फूल के रूप में खिलते हैं,  
फिर भगवान के चरणों पर गिर जाते हैं।

मिट्टी में गिरकर वे विश्राम करती हैं और मिल जाती हैं,  
पुनः सृष्टि रचने के लिए पृथ्वी के साथ जुड़ जाती हैं।  
प्रकृति चुपचाप अपने नियम का पालन करती है,  
प्रकृति और प्रेम मिलकर सृष्टि के उल्लास को आगे बढ़ाते हैं।

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