अकेले विचार – 133
अदृश्य उम्मीद दिल के भीतर जगमगाती है
घने अंधेरे में एक छोटी सी दीपक उठती है
गिरे हुए पलों से सबक बनते हैं
गिरे हुए आँसुओं से शक्ति मिलती है
बंद दरवाज़े नए रास्ते दिखाते हैं
विनाश से साहस उभरता है
विश्वास हाथ पकड़ कर आगे बढ़ाता है
विफलता कला में बदल जाती है
साँसों के साथ सपने यात्रा करते हैं
भविष्य का डर धीरे-धीरे मिटता है
सहनशीलता समय के साथ सोना बनती है
जीवन याद दिलाता है कि अच्छाई हमेशा बढ़ती है
जी आर कवियुर
02 02 2026
( कनाडा, टोरंटो)
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