तेरे ख्यालों में (ग़ज़ल)
चाहतों की महफ़िल में
खोजता रहूँ तेरे नैनों में
नज़र जब नज़रों से मिले
दिल की बात रह गई दिल में
राज़-ए-राज़ तक रह गई
ख़्वाब में मिले, ख़ामोशी में
राहत से तनहाई बोल उठी
मोह के रंग से बनी तेरी याद मन में
हर धड़कन में बस गया तेरा नाम
हवाओं में घुला, जैसे कोई पैग़ाम में
हरदम डूब जाऊँ
तेरे ख्यालों में — जी आर
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