आईए हमसे यादों की रेल पे चलकर देखिए,
बीते पलों की खुशबू फिर से महसूस कीजिए।
हर मोड़ पर छुपी हुई एक कहानी मिल जाएगी,
दिल के आईने में वही झलक हमें दिखाई देगी।
हवाओं में बसी आपकी मीठी बातें सुनिए,
चाँदनी रातों में अपना बचपन याद कीजिए।
पलकों पर सजे कुछ खट्टे-मीठे अनुभव हैं,
उन यादों को आज फिर अपने दिल में दबाइए।
संगीत की लहरों में खो जाइए आप और मैं,
बीती यादों के सफ़र को फिर से जी लीजिए।
हाथों में हाथ लेकर चलें उन गलियों में,
जहाँ हंसी और प्यार की खुशबू हमेशा बसी थी।
जी आर कवियुर
23 01 2026
(कनाडा, टोरंटो)
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