Monday, January 19, 2026

मैं तुझे चाहता हूँ”(ग़ज़ल)

मैं तुझे चाहता हूँ”(ग़ज़ल)

कसमसे कहता रहूं, मैं तुझे चाहता हूँ  
कीमत नहीं है किसी चीज़ की, फिर भी मैं तुझे चाहता हूँ  

तेरी यादों में खोया हर एक सवेरा  
दिल की धड़कनों में बस तू ही मेरा, मैं तुझे चाहता हूँ  

चाँदनी भी शरमाए तेरे नखरे देखकर  
सितारे भी गिरे तेरी राहों में, मैं तुझे चाहता हूँ  

ज़िंदगी की राहों में तेरा नाम लिखा  
हर धड़कन में बस यही पैग़ाम लिखा, मैं तुझे चाहता हूँ  

तेरे चेहरे की मुस्कान ही बस मेरा सहारा  
सन्नाटों में भी गूंजे तेरा प्यारा, मैं तुझे चाहता हूँ  

हवाओं में महके तेरी खुशबू हर पल  
सपनों में तेरा ही चलता कल, मैं तुझे चाहता हूँ  

पलकों पे सजती रहे तेरी यादों की परछाई  
हर सुबह तेरा ही आए, मैं तुझे चाहता हूँ  

दिल की दीवारों पर असर तेरा है जी आर  
तुम्हारे बिना इस दिल का कोई करार, मैं तुझे चाहता हूँ  

तेरी बातों में छुपा हर एक जादू  
सुनकर मैं हमेशा रहूं तुझसे वाकू, मैं तुझे चाहता हूँ  

रातें भी तुझसे मिलने को बेकरार  
जी आर के बिना हर ख्वाब हो बेकार, मैं तुझे चाहता हूँ

जी आर कवियुर 
19 01 2026
(कनाडा, टोरंटो)

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