मेरे ख़्वाबों को चुराया तूने
रातों की नींद चुराई तूने
दिल की गली में आई तेरी याद
हर खुशी मेरी चुराई तूने
चाँदनी भी शरमा गई तेरे आने से
रातों की रौनक चुराई तूने
ख़ामोशी में भी तेरा असर है
मेरी सांसों की हसरत चुराई तूने
हर दर्द को हँसी में बदल दिया
मोहब्बत की राहें जी आर
तेरी आँखों में बसी है कहानी मेरी
हर सपना तूने सुनाई जी आर
जी आर कवियुर
25 01 2026
( कनाडा, टोरंटो)
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