नीला चाँद आकाश में उठता है
नीली जादू से दिल भर जाता है
जो देखा, उसे शब्दों में कह नहीं सकता
बादलों के बीच धीरे-धीरे तैरता है
प्रकाश पत्तियों के किनारों पर नाचता है
विचार पहाड़ों पर धुंध की तरह बहते हैं
रात की हँसी और सपनों की चमक
नीला चाँद दिल को अपनी ओर ले जाता है
तारे धीरे-धीरे झपकते हैं, रहस्य छिपाए
आकाश की नदी शांत बहती है
मुलायम हवा रात में गीत गाती है
हर क्षण अंधकार को प्रकाश में बदल देता है
जी आर कवियुर
12 01 2026
(कनाडा , टोरंटो)
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