मैंने देखे थे वो दिन बीते तेरे साथ,
मौक़ा फिर नहीं आएगा क्या तेरे साथ (x2)
ख़ामोशी ने भी सीखा है मुस्कुराना,
जब से दिल ने कुछ कहा तेरे साथ (x2)
हर एक दर्द को आदत सी हो गई है,
रहने लगा हूँ बेख़ौफ़ सा तेरे साथ (x2)
तन्हा रातों ने पूछा कई दफ़ा मुझसे,
क्यों सुकून मिलता है सिर्फ़ तेरे साथ (x2)
वक़्त की गर्द में खो जाएँगी सब राहें,
नाम रह जाएगा बस जुड़ा तेरे साथ (x2)
जी आर कहता है आईना देखकर अक्सर,
मैं भी बेहतर हुआ हूँ थोड़ा तेरे साथ (x2)
जी आर कवियुर
06 01 2026
(कनाडा, टोरंटो)
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