Thursday, January 1, 2026

नए संसार के लिए प्रार्थना

नए संसार के लिए प्रार्थना

धरती पर शांति खिल जाए  
युद्धों की आवाज़ थम जाए  
आँसुओं की जगह  
हर चेहरे पर मुस्कान सज जाए  

भूखे पेटों में  
अन्न भर जाए  
सूने बर्तन  
भर-भर कर सज जाए  

गरीबी रास्ता बदल ले  
ज़िंदगी आगे बढ़ जाए  
मेहनत के हर दाने से  
कल की उम्मीद जग जाए  

सरहदें दीवार न बनें  
पुल बनकर जुड़ जाएँ  
देश और मज़हब से ऊपर  
इंसान, इंसान बन जाए  

नफ़रत धीरे मिट जाए  
इंसानियत ऊँची उठ जाए  
पहले जीना हर कोई सीखे  
फिर प्यार करना आ जाए  

यह धरती  
एक परिवार बन जाए  
अन्न और शांति  
सबको बराबर मिल जाए  

“लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु  
ॐ शांति शांति शांति”

जी आर कवियुर 
01 01 2026 
( कनाडा, टोरंटो)

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