जिंदगी के दाव पर तेरी मोहब्बत को रखा गया
हर वक्त तेरे नाम पर खुद को खो गया
तेरी यादों में ही मेरी दुनिया बसी रही
हर खुशी-ग़म में सिर्फ़ तुझ पर ही खो गया
खुद को पाया नहीं, तेरी चाहत में भटका
हर रास्ते पर तेरी ही रोशनी में खो गया
कोई अपना नहीं, कोई दूर नहीं रहा
तेरे बिना इस दिल का हर रंग फीका-सा खो गया
मोहब्बत की राह में सब कुछ न्योछावर किया
हर सांस में तेरे नाम का असर ही खो गया
दुनिया की हर दौलत और शोहरत भी फिकी
तेरी हँसी की खातिर सब कुछ ही खो गया
जी आर की दास्ताँ भी सिर्फ़ तुझ तक सिमटी
इस इश्क़ के समंदर में खुद ही खो गया
जी आर कवियुर
28 01 2026
( कनाडा, टोरंटो)
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