तन्हाई में भी महसूस है प्यार इस राह में
हर पल मेरे साथ है प्यार इस राह में (x2)
चाँदनी भी सजी है बेकार
तेरे ख्यालों से ही रोशन है प्यार इस राह में (x2)
सफर लंबा सही, मगर आसान है
तेरी यादों के संग मिलता है सहारा इस राह में (x2)
ख्वाब जो टूटे थे कभी बेकार
अब तेरी मुस्कान सजाती है प्यार इस राह में (x2)
साया भी बन जाता है उजाले में
हर पल तू ही है मेरे पास प्यार इस राह में (x2)
जी आर की कलम से लिखी ये शायरी
हर लफ्ज़ कहता है बस तुझसे है प्यार इस राह में(x2)
जी आर कवियुर
23 01 2026
(कनाडा, टोरंटो)
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