नीले आकाश की शांति
नीला आकाश जब फैलता है,
मन उसकी विशालता में खो जाता।
जब बादल धीरे बहते हैं,
शांति की ध्वनि सुनाई देती।
इस अनंत नीले विस्तार में,
विचार दूर तक उड़ जाते।
प्रकाश भरे उस आकाश में,
दिल को सुकून मिल जाता।
जब हवा हल्के से छू जाती,
और भी आराम मिलता है।
इस आकाश की शांति में,
जीवन सुकून को समझता है।
जी आर कवियुर
28 04 2026
(कवियुर , तिरुवल्ला)
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