Friday, May 1, 2026

रेतीला तट

 रेतीला तट

रेतीले तट पर लहरें छूतीं,  
मधुर सा संगीत सुनातीं।  
समुद्री हवा जब हल्के छूए,  
मन शांति में डूब जाता।  

पदचिन्ह जो राह में बनते,  
यादों बनकर रह जाते।  
पानी के आने-जाने में,  
जीवन कथा कह जाता।  

सूरज की किरणें रेत पर चमकें,  
आंखों में उजाला भरतीं।  
इस तट की खामोशी में,  
दिल को सुकून मिल जाता।

 जी आर कवियुर 
24 04 2026
(तिरुवल्ला, कवियुर)

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