Monday, May 18, 2026

नन्ही चिड़िया की यात्रा

 नन्ही चिड़िया की यात्रा

भोर की उजली किरणों संग,  
नन्ही चिड़िया उड़ चली।  
डालियों की संकरी राहों में,  
नया आकाश खोजती रही।  

हवा के कोमल पंखों पर,  
वह दूरियाँ भूल गई।  
नदी किनारे की खामोशी में,  
अपना मधुर गीत छोड़ गई।  

जब संध्या धुंधली होने लगी,  
वह फिर अपने घोंसले लौटी।  
इस नन्ही चिड़िया की यात्रा में,  
सपनों ने अपने पंख पसारे।

जी आर कवियुर 
18 05 2026
(कवियूर , तिरुवल्ला)

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