Saturday, May 2, 2026

जीवनकी यात्रा

 जीवनकी यात्रा 


 सुबह की किरणें जगा रही हैं,

नई उम्मीदें बुला रही हैं।

वर्षों की गिनती अब छोड़ दो,

सपनों से अपना नाता जोड़ दो।


पुराने तने पर नई कोपलें,

रास्ते अभी भी हैं खुले।

हर पल एक नया आगाज़ है,

मन में जीत का साज़ है।


आज ही शांति की राह चुनें,

चाहे साया साथ चले हर पल—

लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहें,

यौवन एक अटूट वन है।

जी आर कवियुर 
24 04 2026

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