गलती सबसे हो जाती है,
दिल को क्यों दुख पहुँचाती है?
प्रेम से रिश्ते खिल जाते हैं,
मन के बादल छँट जाते हैं।
छोटी बातें भूल भी जाओ,
प्रेम का दीप जलाओ।
मन में कोई बैर न रखना,
हँसकर हर दुख को सहना।
जो सबको अपना मानते हैं,
जीवन में सुख पाते हैं।
प्रेम की शक्ति महान होती,
रिश्तों को सदा सँजोती।
जी आर कवियुर
27 05 2026
(कवियूर, तिरुवल्ला)
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