तुझे पाने की चाह
(ग़ज़ल) – राग किरवानी
तेरी एक झलक पाने को दिल बेकरार है,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
तेरी यादों का हर लम्हा दिल पे सवार है,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
तेरे बिना ये ज़िंदगी सूनी सी लगती है,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
ख़ामोशियों में भी तेरा ही असर रहता,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
नज़रें जहाँ भी जाएँ तेरा ही नज़ारा हो,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
मेरे हर एक ख़्वाब में तू ही बसा रहता,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
दिल की हर एक धड़कन तेरा ही नाम लेती,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
‘जी आर’ तुझे पाने को रहता है बेकरार,
तुझे पाने की चाह में ये दिल बेकरार है।
जी आर कवियुर
02 05 2026
( कवियुर ,तिरुवल्ला)
No comments:
Post a Comment