Friday, May 1, 2026

शिलाओं की निस्तब्धता

 



 शिलाओं की निस्तब्धता


शिलाएं स्थिर खड़ी रहतीं,  

समय की साक्षी बन जातीं।  

बिन शब्दों के जो कहानियां,  

गहराइयों में छिपी रहतीं।  


हवा और बारिश सहकर,  

मजबूती का रूप बनतीं।  

उनकी शांत उपस्थिति में,  

जीवन के पाठ मिलते।  


इस अटल सी शक्ति के भीतर,  

हिम्मत मन में भर जाती।  

शिलाओं की इस खामोशी में,  

सत्य की ध्वनि सुनाई देती।  


जी आर क

वियुर 

28 04 2026

(कवियुर , तिरुवल्ला)

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