Sunday, July 12, 2026

दिल के आशियाने ( ग़ज़ल)

दिल के आशियाने ( ग़ज़ल)

दिल के आशियाने में तुझको बिठाएंगे,  
अरमानों की महफ़िल में तुझको ही गाएंगे।

यादों के सहारे हम ग़ज़लें सजाएंगे,  
हर एक शेर में तेरे किस्से सुनाएंगे।

रुस्वाइयाँ मिलें चाहे, दुनिया सताएगी,  
तेरी वफ़ा के नग़्मे फिर भी हम गाएंगे।

राहों में बिछड़कर भी रिश्ता न टूटेगा,  
साँसों के सफ़र तक हम वादा निभाएंगे।

मौत भी अगर आकर हमसे तुझे माँगे,  
तेरा साथ ऐ जानाँ, फिर भी न छुड़ाएंगे।

'जी आर' का दिल तेरे इश्क़ में यूँ डूबा है,  
मरकर भी मोहब्बत का नग़्मा ही गाएंगे।

जी आर कवियुर 
09 07 2026
(तिरुवल्ला , कवियुर)

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