साँझ के दीपक जगमगा उठे,
घर-आँगन भक्ति से भर गए,
राम-नाम मधुर स्वर में गूँज उठा,
मन शांति में डूब गया।
ताड़पत्रों ने अपना ज्ञान खोल दिया,
हर श्लोक जीवन का पथप्रदर्शक बना,
सीता का धैर्य उज्ज्वल हो उठा,
हनुमान की भक्ति ने हृदय भर दिया।
समझ आया कि रामायण केवल कथा नहीं,
धर्म जीवन का मार्ग बन गया,
प्रेम ने संसार को जोड़े रखा,
सत्य युगों-युगों तक गूँजता रहा।
जी आर कवियुर
14 07 2026
(तिरुवल्ला,कवियुर)
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