Sunday, July 12, 2026

लिखें कैसे।(ग़ज़ल)

लिखें कैसे।(ग़ज़ल)
अब ये कहानी लिखें कैसे,
आँखों की ज़ुबानी लिखें कैसे।

हर ज़ख़्म अभी तक ताज़ा है,
यादों की निशानी लिखें कैसे।

दिल ने जो अमानत रख छोड़ी,
उसकी मेहरबानी लिखें कैसे।

वीरान हुए अरमानों की,
फिर नई रवानी लिखें कैसे।

हर अश्क़ में तेरी सूरत है,
दिल की निशानी लिखें कैसे।

सदियों से जो ख़ामोशी है,
उसकी भी ज़ुबानी लिखें कैसे।

'जी आर' ग़ज़लों से जिगर पाए,
दिल की रवानी लिखें कैसे।


जी आर कवियुर 
11 07 2026
(तिरुवल्ला , कवियुर)

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