कुछ पल दिल में गहराई से उतर जाते हैं,
कुछ आवाज़ें खामोशी में भी सुनाई देती हैं।
अनजाने में कहा गया एक शब्द भी,
वक़्त से न मिटने वाला निशान बन जाता है।
कहने वाला मन आगे बढ़ जाता है,
पर सुनने वाला दिल वहीं ठहर जाता है।
मुस्कान के पीछे छिपा हुआ दर्द भी,
कभी एक पंक्ति में झलक जाता है।
कितने ही दिन बीत जाएँ फिर भी,
उसका अर्थ कभी धुंधला नहीं पड़ता।
कुछ एहसास आख़िरी साँस तक रहते हैं,
दिल के पन्नों पर सदा जीवित रहते हैं।
जी आर कवियुर
10 09 2026
(तिरुवल्ला , कवियुर
No comments:
Post a Comment