योग से निरोग जीवन
जीवन का सहारा, जीवन की छाँव,
स्वास्थ्य का दीप जलाता है योग।
नियमित अभ्यास की शक्ति से,
हर दिन नव उत्साह जगाता है योग।
ऋषियों ने जो पावन पथ दिखलाया,
उसका सुंदर संदेश है योग।
संयम, शांति और श्रेष्ठ विचारों का,
मन में मधुर संचार है योग।
हर प्रभात इसे अपनाइए,
रोग और दुःख दूर भगाइए।
स्वास्थ्य और सुख की प्राप्ति हेतु,
जीवन का अनुपम वरदान है योग।
नई किरणें जीवन में भरकर,
आशा के फूल खिलाता है योग।
तन और मन दोनों के लिए,
सुख-समृद्धि का मधुर राग है योग।
जी आर कवियुर
21-06-2026
(तिरुवल्ला, कवियुर)

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