Thursday, June 11, 2026

मन जो रूठा (गीत)

 मन जो रूठा (गीत)


गीत जैसा भी हो गुनगुना लेंगे हम,
मन जो रूठा तो उसको मना लेंगे हम।
अपने जैसा तुझे गर बना ना सके,
खुद को ही तेरे जैसा बना लेंगे हम...

मन जो रूठा तो उसको मना लेंगे हम...

दिल जैसा भी हो, करीब पाएंगे हम,
शिकवे भुला कर, गले से लगाएंगे हम।
हो बैर दुनिया से तो परवाह नहीं,
तेरी खातिर तो दुश्मनी भी भूल जाएंगे हम।

मन जो रूठा तो उसको मना लेंगे हम...

फासलों के दाग जितने भी हों दरमियां,
मोहब्बत की बारिश से मिटाएंगे हम।
तेरे दीदार की हसरत कुछ ऐसी जगी,
कि दुनिया के आगे बेनकाब हो चुके हैं हम।

गीत जैसा भी हो गुनगुना लेंगे हम...

जी आर कवियुर 
11 06 2026
(कवियूर , तिरुवल्ला)

No comments:

Post a Comment