Wednesday, October 14, 2026

तेरी याद दिलाती हैं(हिंदुस्तानी ग़ज़ल)

तेरी याद दिलाती हैं
(हिंदुस्तानी ग़ज़ल) 
शहर की गलियाँ तेरी याद दिलाती हैं,
दिल की तन्हाइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

तेरे क़दमों के निशाँ ढूँढ़ता हूँ आज भी,
सूनी राहों की परछाइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

चाँद को देखूँ तो तेरा चेहरा याद आए,
रात की गहराइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

फूल खिलते हैं तो महक उठता है दिल मेरा,
मौसम की अंगड़ाइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

हँसता रहता हूँ मगर दिल उदास रहता है,
बीते लम्हों की रुसवाइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

जी. आर. के अशआर में छुपा है दर्द तेरा,
मेरी ग़ज़ल की तन्हाइयाँ तेरी याद दिलाती हैं।

रचना
जी. आर. कावियूर
12 10 2026
( तिरुवल्ला, कवियुर)

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