छायादार वृक्ष
धूप भरे रास्तों पर छाया फैलती जाए,
डालियों में शांति धीरे-धीरे मुस्काए।
थके हुए मन को सुकून मिल जाता है,
छाया का मार्ग सपनों को सहलाता है।
पत्तों की हलचल कहानी सुनाए,
हवा का संगीत चारों ओर छाए।
जड़ों में सोई बीते समय की यादें,
शाखों में बनकर मुस्कान जगमगाए।
पंछियों का गीत सवेरा बुलाए,
मौन में भी जीवन झलक दिखाए।
छाया देने वाले ये वृक्ष सिखाते,
देने में ही सच्ची खुशी मिल जाती।
जी आर कवियुर
30 03 2026
(कनाडा, टोरंटो)
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