शिवाभूति
महादेव मनोहर,
महामाया के नाथ,
भक्तों के रखवाले,
मेरी प्रार्थना सुन लेना…
ॐ नम-श्शिवाय…
ॐ नम-श्शिवाय…
भव की रक्षा के लिए,
विष का पान किया तुमने,
नीलकंठ देव दयालु,
तेरे चरणों में शरण है…
ॐ नम-श्शिवाय…
ॐ नम-श्शिवाय…
गंगाधर शंकर,
चंद्रशेखर शूलपाणि,
भवभय हरण महेश्वर,
अपनी कृपा बरसा देना…
ॐ नम-श्शिवाय…
ॐ नम-श्शिवाय…
पाशुपते परमेश्वर,
अनंत करुणा सागर,
अनाथों के रखवाले,
मुझे अभय दे देना…
जी आर कवियुर
01 04 2026
(कनाडा, टोरंटो)

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