मिट्टी की खुशबू
जब बूंदें धरती को छूतीं,
नमी की खुशबू उठती है।
जैसे नया जीवन जन्म ले,
प्रकृति आनंद बिखेरती है।
खेतों में हरियाली छा जाए,
आंखों को ठंडक देती है।
हवा में फैली यह सुगंध,
दिल को स्नेह से भर देती।
यादों को फिर से जगा देती,
बीता समय लौटा लाती।
धरती का यह सुंदर उपहार,
जीवन में शांति भर देता।
जी आर कवियुर
13 04 2026
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