दो देशों का संगम
कनाडा की बर्फ और मेपल की लाली,
सीएन टावर की वो ऊँचाई निराली।
पिज़्ज़ा का स्वाद और झील का किनारा,
यादों में बस गया है ये शहर हमारा।
नारियल के पेड़ और बहती नदियाँ,
डोसा-सांभर की महकती गलियाँ।
केरल की हरियाली में अब हम आए,
दोनों पोतों को गले से लगाए।
दो देशों का मेल, एक प्यारा संगम,
खुशियों की गूँज और दूर हुए गम।
प्यार का धागा सबको जोड़ता है,
नया कल मुस्कुराहटें बटोरता है।
जी आर कवियुर
26 03 2026
(कनाडा, टोरंटो)
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