मधु की मिठास
फूलों से निकला एक रस,
मधुमक्खियां उसे संजोतीं।
मौन परिश्रम का यह फल,
स्वाद में खुशी भर देता।
प्रकृति का यह सुंदर उपहार,
कोमल और मधुर रस।
छोटी सी बूंद में भी,
मिठास का संसार छिपा।
जीवन की खुशियों जैसा,
धीरे-धीरे मन में घुले।
इस सरल मधु के भीतर,
प्रेम की ध्वनि सुनाई दे।
जी आर कवियुर
13 04 2026
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