Tuesday, March 24, 2026

नई नज़र है

 यह किसी तरह का जिंदगी का सफर है. 
हर मोड़ पे एक नई नज़र है

चलना ही सीखा है हमने हमेशा,
रुकना तो बस मौत का ही डर है

मुश्किल राहों पे मुस्कुराना ही ,  
सबसे बड़ा इंसान का हुनर है

सफ़र है सफर है
सफ़र है सफर है

कहा जा रहे है किसे है यह मालूम
मंज़िल की किसे यह की पानी खबर है, 

तूफ़ान में भी जो न हारे हिम्मत, 
उसी के सिर पे जीत का सब्र है। 

दो पल की है ये दुनिया की रौनक, 
फिर वही तन्हाई का मकर है। 

नेकी की राहों पे चलते रहो तुम, 
नेक इनाम का सब को इंतज़ार है। 

धूप में जो दे साया हमेशा, 
मेरी माँ ही वो मोहब्बत का शजर है। 

लिखता है दिल से हर एक अल्फाज़, 
'G R' की ये शायरी बड़ी असर है।

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