Tuesday, March 17, 2026

यह धरती सिर्फ़ तुम्हारी नहीं है

Verse 1]
अरे इंसान, समझो तुम  
यह धरती सिर्फ़ तुम्हारी नहीं है  
चुपचाप देखो उन मासूम जीवों को  
जो निस्वार्थ हैं, पवित्र और निर्दोष  

[Pallavi]
अरे इंसान, समझो तुम  
यह धरती सिर्फ़ तुम्हारी नहीं है  
ओ ओ ओ ओहो आ आह  
ओ ओ ओ ओहो आ आह  


[Verse 2]
जमीन और आसमान तुम्हारे हो सकते हैं  
पर इंसान ने क्रूरता फैलाई बहुत  
स्वार्थ और लड़ाई में चोट खाए ये जीव  
मौन सहते हैं, तुम बस देखो  
  

[Verse 3]
प्यार की बारिश हो, हर वन में गूंजे  
हिंसा से मुक्त एक दुनिया उगें  
हम सब मिलकर बचाएं ये माटी  
उठे शांति का नया गीत  

[Pallavi]

अरे इंसान, समझो तुम  
यह धरती सिर्फ़ तुम्हारी नहीं है  
ओ ओ ओ ओहो आ आह  
ओ ओ ओ ओहो आ आह  

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